सिंझ्या री पारी

ज़मादार पान रा छांटा उडावतो

मरज्याणियां

नाथी रो बाड़ो नीं है

दिनुगै री ढिगळियां

थारो खसम उठावैला

औळभा औळभा

रोटी अर सिरावण

लियां पछै

नीं करगी साफ-सफाई

ऊपर सूं ठरको न्यारो

चबूतरै माथै सम्मान हुवै

साफ-सफाई करणो

काळजै रो काम है

वारियर है जमादार री पूरी टीम

माळा, औढ़णा, गाभा अर फोटू भेळै

पराया नीं हो

म्हारौ घर रा सदस्य हो

पण डिस्टेसिंग जरूरी है

पल्लो लागतै ही

भळै पाणी रा छींटा खावो

नीं तो घर रै बारै।

स्रोत
  • सिरजक : राजेन्द्र जोशी ,
  • प्रकाशक : कवि रै हाथां चुणियोडी़
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