घराळी की त्योरी बदलेड़ी देख
मास्टर जी बोल्या–
‘इस्कूल में भू-भारती देखण-लागो,
जणांई कीं लेट होगी।
‘कुण है बा भू-भारती
म्हारी सौत; मरै ई कोनी।
अर रोटी भी बा’ई थानै देसी–
जकी बिना थानै सरै ई कोनी।