सुणो हो के!

बीनणी कै

पूरा लागणै वाळा है

छोरो है कै भाठो

मशीन सै जांच कराता।

स्याणी

छोरी होयां

के काशी में करोत लेसी

आजकाल

कितणी देरी लागै है

दूसरो टाबर आतां।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : भगवतीप्रसाद चौधरी ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राज.) ,
  • संस्करण : 12
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