गीगलो

गाड़ा-गतवाड़ा सूं

जीतै को नीं।

जा'र

रिंदरोही में

कोचर्‌यां मारै।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : हरदान हर्ष ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राज.) ,
  • संस्करण : 15
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