नेह रै नैण रो नीर बणकै देख,
दिल रै दरद री तस्वीर बणकै देख।
के के मिलसी आं आंधी गळियां में,
दर-दर मांगतो फकीर बणकै देख।
भगती री सगती मांय जादू कित्तो,
लुटती द्रौपदी रो चीर बणकै देख।
गुलामी रै अनार मांय मिठास कित्तो,
पिंजरै रो कैदी कीर बणकै देख।
इस्क रै गळियारा में तपास कित्ती,
तपतै रांझै री हीर बणकै देख।
तिस प्रभु-प्रीत री तीखी कित्ती ‘माहिर’
हरजस में रमतो कबीर बणकै देख।