दर्द नै ओढ़णो सीख प्यारा
मर्ज नै ढोवणो सीख प्यारा
मुकाबलो कर हकीकतां रो
पुळां सूं गुजरणो सीख प्यारा
उस्ताद दर्द-सो और कठै
दोस्त नै ढूंढणो सीख प्यारा
ऊंची ठाडी है दुकान बा
माल सूं कूंतणो सीख प्यारा
बो मिनख है-कै-डांगर आवारा
चाल सूं परखणो सीख प्यारा
पढ़तो जावै दिन रात घणो-ई
कीं खुद नै पढ़णो सीख प्यारा
‘माहिर’ बोढै़ चूंटिया चींचड़ा
झेलणो ढाल सूं सीख प्यारा।