दर्द नै ओढ़णो सीख प्यारा

मर्ज नै ढोवणो सीख प्यारा

मुकाबलो कर हकीकतां रो

पुळां सूं गुजरणो सीख प्यारा

उस्ताद दर्द-सो और कठै

दोस्त नै ढूंढणो सीख प्यारा

ऊंची ठाडी है दुकान बा

माल सूं कूंतणो सीख प्यारा

बो मिनख है-कै-डांगर आवारा

चाल सूं परखणो सीख प्यारा

पढ़तो जावै दिन रात घणो-ई

कीं खुद नै पढ़णो सीख प्यारा

‘माहिर’ बोढै़ चूंटिया चींचड़ा

झेलणो ढाल सूं सीख प्यारा।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : मुखराम माकड़ ‘महिर’ ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-28
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