इस्या दिन पक्का आवैगा
आंसू जद हंस कर गावैगा
सारा बिरवा खिल जावैगा।
बो टकरावै है लहरां सैं
जिणनै पार चल्यो जाणो है,
कांटा में भी रह कर भाई
फूलां नै तो मुसकाणो है,
जो सैं का सुख-दुख कैवै है
असली चित्र बो ही होवै है,
काम में आवै टेम पड़्या जो
असली मित्र बो ही होवै है,
धीरज राखो और रूको मत
साहस बांधो और झुको मत
संझ्या नैं तो आ जावण द्यो
सारा दिवळा जळ जावैगा।
आंसू जद हंस कर गावैगा
सारा बिरवा खिल जावैगा॥