ढोळौ गयौ है गुजरात

मरवण महलां मांय अेकली, रे लाल

ढोलौ सांवणियै रौ मेह

मरवण आभा केरी वीजळी, रे लाल

वरसण लागौ है मेह

चमकण लागी है वीजळी, रे लाल

ढोलौ नदियां रौ नीर

मरवण जळ मांयली माछळी, रे लाल

सूकण लागौ है नीर

तड़पण लागी है माछळी, रे लाल

ढोलौ चंपलै रौ पेड़

मरवण चंपाके री डाळियां, रे लाल

ढोळौ चंपाके रौ फूल

मरवण फूलां मांयली पांखड़ी, रे लाल

स्रोत
  • पोथी : माणक (पारिवारिक राजस्थानी मासिक) ,
  • सिरजक : अज्ञात ,
  • संपादक : पदम मेहता ,
  • प्रकाशक : माणक प्रकाशन ,
  • संस्करण : मई 1986
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