समत अठार इकयासियै, मँड जुध कातिक मांय।

बळवँत हाडौ बीसम्यौ, पून्यूं रवि दिन पाय॥

स्रोत
  • पोथी : प्राचीन राजस्थानी गीत (भाग – 5) ,
  • सिरजक : चंडीदान मिश्रण ,
  • संपादक : हनुवंत सिंह देवड़ा ,
  • प्रकाशक : साहित्य संस्थान, राजस्थान विश्व विद्यापीठ, उदयपुर ,
  • संस्करण : प्रथम
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