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साइट: परिचय
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अंजस सोशल मीडिया
जाइ मिलिया परभावती
कवि लब्धोदय
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जाइ
मिलिया
परभावती,
म्हे
पाली
बोली
वाच।
अब
थां
सुं
ऊरण
हुया,
पदमणी
आणी
साच॥
स्रोत
पोथी
: पद्मिनी चरित्र चौपाई
,
सिरजक
: कवि लब्धोदय
,
संपादक
: भंवरलाल नाहटा
,
प्रकाशक
: सार्दूल राजस्थानी रिसर्च इंस्टीट्यूट, बीकानेर (राज.)
,
संस्करण
: प्रथम
जुड़्योड़ा विसै
पत्नी
सुख