सात सहेलीय बइठी छइ आइ।
राजा माइ पुजावण जाइ।
चंदन सीप भरी लियइ।
काथउ सोपारीय नइ पका जी पान।
रंग हथलेवउ जोड़ियउ।
जाणे रुखमणि सरिसउ बइठउ छइ कान्ह॥