छोटे बड़े सैनिक छ भेद पहिलो जो मौल,
पीढ़िन तैं सो वसवर्त्ती विसवास धाम।
भृत्य नाम दूजो जो अधीन कीनों वेतन दै,
तीजो मैत्र मित्रता सों आवै जो सहाय काम॥
सोहि श्रेण समय अधीन जाकी आश्रिता,
आटविक सो जो बनवासी सवरा हि ग्राम।
सो अमित्र है जहं दबायो अरि आश्रित व्है,
मुख्य त्रिक मुख्य चौथौ मध्य खिल नेष्ट नाम॥