गेलै चालतै की गुद्दी पकड़, पुलिस वाळो।

लेग्यो अेक भलै आदमी नै झट आड में॥

बोल्यो अंटी ढीली कर नहीं तो देख ले तनै।

आतंकी बताकै भिजा‌द्यूंगो तिहाड़ में॥

पूछ्यो भलो आदमी, कै यो के है कानून भाई।

बोल्यो बो, कै बेटा कानून जावै भाड़ में॥

तनै नहीं छोड़ूंगा में माल ले कै जाउंगा ही।

निकळ्यो हूं आज धंधा पाणी कै जुगाड़ में॥

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : जयकुमार रूसवा ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-27
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