पंडित तोहि बोलावइ रे राइ।

पतडउ पंडिया रावलइ आवि।

सुबर सोध म्हाका जोसिय।

आणिज्यो नागर चतुर सुजाण।

सुरग मोहइ देवता।

बीर विचक्षण बीसलदे चहुआंण॥

स्रोत
  • पोथी : बीसलदेव रास ,
  • सिरजक : नरपति नाल्ह ,
  • संपादक : डॉ. माता प्रसाद गुप्त, अगरचंद नाहटा ,
  • प्रकाशक : हिन्दी परिषद प्रकाशन, इलाहाबाद ,
  • संस्करण : द्वितीय
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