पाटि बइठीछइ राजकुमारि।

काडिहि पटोलीय चूनड़ी सार।

कांनह कुंडल झिगमिगइ।

सीससउं राखड़ी तिलक निलाड़ि।

रूप देखि राजा हस्यउ।

त्रिभुवन मोहियउ जाति पमारि॥

स्रोत
  • पोथी : बीसलदेव रास ,
  • सिरजक : नरपति नाल्ह ,
  • संपादक : डॉ. माता प्रसाद गुप्त, अगरचंद नाहटा ,
  • प्रकाशक : हिन्दी परिषद प्रकाशन, इलाहाबाद ,
  • संस्करण : द्वितीय
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