हूं न पतीजउं गोरी थारइ वइणि।
जां नवि देखउं आपणइ नइणि।
काल्ह ही उलगाणउ हुइ गम करउं।
तेंड़ू बंभण दिन गिणउ आज।
छोडउं देस सवालखउ।
गोरी कोकि भतीजा म्हे सउंपिस्यउं राज॥