बाप बोल्यो बेटै स्यूं कै देख मनै जिन्दगी सैं।
ज्ञान जको मिल्यो, आज तनै समझाऊं लो॥
तेरो दादो ब्याव कर पिछतायो और मैं भी।
ब्याव कर पिछतायो, तनै तो बचाऊं लो॥
बेटो बोल्यो मेरी चिन्ता करो मत बापूजी थे।
मैं भी पूरी रीत, परवार री निभाऊं लो॥
थारी ही औलाद हूं मैं, लीक कैंया छोडूंला।
पैल्यां ब्याव करुंगो मैं, पाछै पिछताऊं लो॥