बंभण भाट बोलाविया राउ।
लगन सोपारीय दीन्ही पठाइ।
गढ़ अजमेरि नइ गम करउ।
पाटि वइसारि पखालिज्यो पाय।
बेटी कहिज्यो राजा भोज की।
राजमति बर बीसल राय॥