भोजराज तणउ मिल्यउ छइ दिवाण।
बहु नर बैठा छइ अगवाणि।
राइ राणा चिहुं दिसितणा।
राई जी बिनव राइ नरिंद।
बारइ हो बहतै आपणइ।
कुमरी परणाविज्यउ जोइ नइ विंद॥