पूजियउ गणपति चाली छइ जान।

लहइ चउरासिया दूणउ जी मांन।

सात सहस नेजा धणी।

पालखी बइठा छइ सहस पंचास।

हस्तीय सिणगाद्‌या छइ सातसइ।

पाळीय परदळको नहीं छेह।

कटक चड्यउ धजा फरहरी।

जाणि करि बीसल परतिख्य देव॥

स्रोत
  • पोथी : बीसलदेव रास ,
  • सिरजक : नरपति नाल्ह ,
  • संपादक : डॉ. माता प्रसाद गुप्त, अगरचंद नाहटा ,
  • प्रकाशक : हिन्दी परिषद प्रकाशन, इलाहाबाद ,
  • संस्करण : द्वितीय
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