रांम रांवण रण मांडियो जीहो, झूझइ छइ राणी रा जाया झूझार के।

हाक मारइं मुखि हुकलइं जीहो, सूर नइ वीर वडा सिरदार के॥

स्रोत
  • पोथी : सीताराम चौपाई ,
  • सिरजक : समयसुंदर ,
  • संपादक : अगरचंद नाहटा, भंवरलाल नाहटा ,
  • प्रकाशक : सादूल राजस्थानी रिसर्च इंस्टीट्यूट, बीकानेर ,
  • संस्करण : प्रथम
जुड़्योड़ा विसै