लीला गैंद फागु मिसि दौरी।

हो हो करत उठी बर जोरी॥

बन अकेलि तिय पुरूष कोऊ।

लीला अमित देखि द्रग दोऊ॥

स्रोत
  • पोथी : हम्मीर रासो ,
  • सिरजक : जोधराज ,
  • संपादक : श्यामसुंदर दास ,
  • प्रकाशक : नागरी प्रचारिणी सभा, वाराणसी ,
  • संस्करण : तृतीय
जुड़्योड़ा विसै