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अंजस सोशल मीडिया
सोना कलसे अति सौहै रे
कवि लब्धोदय
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सोना
कलसे
अति
सौहै
रे,
चमकत
चूनी
मन
मोहे
रे।
फरहरें
नेजा
धजा
फाबइ
रे,
बहु
नेड़ा
प्रवहण
आवै
रे॥
स्रोत
पोथी
: पद्मिनी चरित्र चौपाई
,
सिरजक
: कवि लब्धोदय
,
संपादक
: भंवरलाल नाहटा
,
प्रकाशक
: सार्दूल राजस्थानी रिसर्च इंस्टीट्यूट, बीकानेर (राज.)
,
संस्करण
: प्रथम
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