सुरं सुंदरं पंकजं बन्न फुल्ले।
करैं गुंज भारी भ्रमैं भ्रमर भुल्ले॥
चहूँ ओर कुमोदनी चारु फुल्ली।
महा मोद सों भार आनंद झुल्ली॥