लारलै म्हीनै री 1 तारीख नै ‘अखिल भारतीय युवा जाट महासभा’ कानी जयपुर में ‘राजा महेन्द्र प्रताप जयंती समारोह’ संपन्न हुयौ। इण मौकै हिन्दी सिनिमा जगत रा जगचावा अभिनेता धमेन्द्र अर ‘अखिल भारतीय जाट सभा’ रा अध्यक्ष चौधरी भगवानसिंह जाट युवकां रै दियोड़ै खून सूं तोलीज्या।
धर्मेन्द्र अर चौधरी भगवानसिंह रौ सांगनेर हवाई अड्डै माथै गगनभेदी नारां रै साथै 30 नवम्बर री रात हवाई जहाज सूं जैपुर पूग्यां भव्य स्वागत कर्यौ गयौ। अेक रैली रै रूप में नारा लगावता थकां वांनै हवाई अड्डै सूं बनीपार्क रा किसान छात्रावास में लिजाईज्या।
किसान छात्रावास में मौजूद जन-समूह नै संबोधित करता थकां धर्मेन्द्र जाट युवकां रै सामूहिक रूप सूं रक्तदान कर्यै जावण नै पुण्य रै काम री संज्ञा देवता उणांरी सरावना करी। इण मौकै चौधरी भगवानसिंह ई आपरा विचार परगट करिया।
1 दिसंबर, सोमवार नै ‘जाट अेकता जिंदाबाद’ अर ‘राजा महेन्द्रप्रताप अमर रहे’ रै गगनभेदी नारां रै साथै किसान छात्रावास में ‘राजा महेन्द्रप्रताप’ जयंती समारोह सरू हुयौ। प्रदेस रै न्यारै-न्यारै हिस्सां सूं हजारूं जाट युवक इण समारोह में हिस्सौ लेवण सारू आया।
आयोजित समारोह में बोलता थका धर्मेन्द्र कैयौ क देस नै सफळता री ऊंचाइयां माथै लिजावणौ युवकां रै हाथ में है। वतन रै वास्तै कीं कर गुजरण वाळां सारू सम्मान परगट करता थका वे उपस्थित युवकां सूं राष्ट्रीय अेकता बणाय राखण रौ वादौ लियौ।
रक्तदान करण वाळा युवकां नै शेर री संज्ञा देवता थकां वे आगै कैयौ क आप सगळा महान मां रा सपूत हौ, आपनै देस रै वास्तै ब्हौत कीं करणो है। वे सगळा युवकां सूं आपस में सनेव बढावण री अपील करी।
इणरै अलावा ‘भारत माता जिंदाबाद’ रै नारां रै बीच धर्मेंद्र युवकां सूं ब्याव री वेळा दायजौ नीं लेवण री अपील करी जिण खातर हजारूं युवकां रा हाथ ऊंचा उठ्या।
प्रदेस रै जाट युवकां कानी सूं 608 बोतल रक्तदान रै प्रमाण-पत्रां रै अेकठ हुवण री घोषणा करता थकां डॉ. अेम. अेल. शर्मा बतायौ के ओ म्हांरै 500 बोतल घोषित लक्ष्य सूं सवा गुणा बेसी है। 608 बोतलां मांय सूं 300 बोतल रक्त तो फगत जयपुर में इज भेळौ हुयौ।
‘अखिल भारतीय जाट सभा’ रा अध्यक्ष चौधरी भगवानसिंह राजा महेन्द्रप्रताप रै बारै में जाणकारी देवता थका बतायौ के बे पैला स्वतंत्रता सेनानी हा, जिणा आजाद हिन्दुस्तान रौ नारौ लगायौ अर देस रै राजदूत री तरै न्यारै-न्यारै देसां री जात्रावां करी। वे भारत-सोवियत मैत्री रा संस्थापक हा अर वे ई सबसूं पैली सांप्रदायिकता री समस्या रौ हल सुझायौ हौ। आखिर में चौधरी भगवानसिंह युवकां सूं आह्वान कर्यौ के वे राजा महेन्द्रप्रताप रै व्यक्तित्व सूं प्रेरणा लेवै।
लोकदल रा प्रदेशाध्यक्ष नाथूराम मिर्धा आपरा विचार परगट करता कैयौ क रक्तदान मानवता री पवित्र सेवा है अर अणजाण आदमी री जिंदगी बचावण सारू दीरीज्यै खून री तुलना दूजै किणी ई पुण्यकार्य सूं बेसी है। इण तरै रा आयोजन सांप्रदायिकता नै मिटावण में मददगार साबित हुवै।
इण मौकै ‘विश्व जाट सभा’ रा संरक्षक अरुणसिंह जाटां अर भरतपुर रियासत रै अैतिहासिक संबंधां रौ उल्लेख कर्यौ। अर विधायक यदुनाथसिंह ‘जाट शिक्षा ट्रस्ट’ री थरपणा री घोषणा करी।
इण समारोह में हरियाणा री पुलिस अधिकारी श्रीमती शकुंतला खोखर आपरै सैयोगियां रै साथै हरियाणवी लोकनिरत ई प्रस्तुत कर्या। इणांरै अलावा भरतपुर रा लोक कलाकारां ब्रज रा लोकगीत गाया।
न्यारै-न्यारै क्षेत्र में न्यारी-न्यारी उपलब्धियां हासल करण वाळै इग्यारै जणां रौ इण समारोह में धर्मेन्द्र रै हाथां प्रशस्ति-पत्र दे’र महासभा सम्मान कर्यौ। सम्मानित करीज्यै लोगां में सियोल अेशियाड में तैराकी रौ ‘रजत पदक’ जीतणिया सुजानसिंह ई सामल हा। दूजै लोगां में कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीरेन्द्रसिंह, ‘परमवीर चक’ विजेता होशियारसिंह चौधरी हनुमानसिंह बुढानिया रमेश चौधरी, कु. मनीषा गोदारा, किशनसिंह फौजदार, नरेन्द्रसिंह चौधरी, रामेश्वरसिंह अर श्रीमती शंकुतला खोखर हा।