कबड्डी राजस्थान का ऐसा खेल है जिसमें ताकत, फुर्ती और सहनशक्ति का बेहतरीन तालमेल देखने को मिलता है। इसमें सात-सात सदस्यों की दो टीमें होती हैं। एक टीम का रेडर (आक्रमणकारी) विरोधी दल के पाले में जाकर ‘कबड्डी - कबड्डी’ कहते हुए प्रतिद्वंद्वी को छूने का प्रयास किया जाता है। रेडर के लिए यह नियम होता है कि वह ‘कबड्डी-कबड्डी’ शब्द का उच्चारण लगातार करता रहे। ऐसा नहीं करने पर उसे आउट माना जाता है।
दोनों दलों के रेडर क्रमवार विरोधी दल के पाले में रेड (आक्रमण) करते हैं। यदि रेडर को विरोधी पक्ष द्वारा अपने पाले में दबोच लिया जाता है तो वह आउट हो जाता है। रेडर की यह कोशिश रहती है कि वह प्रतिपक्षियों को छूकर अपने पाले में सुरक्षित वापस आ जाए। कबड्डी शारीरिक दमखम को बढ़ाने वाला लोकप्रिय परंपरागत खेल है। राजस्थान में ग्रामीण मेलों और त्योहारों में कबड्डी प्रतियोगिताएं आयोजित होती रहती हैं।