जे चित्रकार बणो जणै तो तुलिका अर कागद रंग हुवै रै।
संगीतकार हुवो मिनखां बहु साज’र बाजण संग हुवै रेै।
और अनेक कला जिण मं खरचौ रिपिया हद ढंग हुवै रै।
सो कविता ही मुकेस करै हिव में बस भाव उमंग हुवै रै।