वा बोली—
ईं चाल सूं
वाहन बढ़ता रैया
तो सांस लेबो
अर सड़क प चालबो
हो जावैगो मुस्कल।
म्है बीच म ही कैयो—
‘फकर मत कर बावळी!
इक्कीसवीं सदी रौ
वाहन छै साईकल।’