लारलै म्हीनै इणी’ज स्थंभ में ‘उतर भीखा म्हारी बारी’ शीर्षक हेठळ राजस्थान के मुख्यमंत्री बदळण री जकी बात लिखी, वा साची होयगी। हरिदेवजी जोशी नै गादी छोड़णी पड़ी अर शिवचरण माथुर पाछा गादी माथै आयग्या।

अचाणचक हुया इण बदळाव सूं आखै देस रा कांग्रेसी खेमा में खासी खळबळ मचगी। क्यूंकै हरिदेवजी जोशी सगळा सूं मजबूत मुख्यमंत्री मानीजता। आखरी छिण में गृहमंत्री बूटासिंहजी रै कह्या उपरांत ई जोशीजी अड़ग्या अर साफ कैय दियौ क जठा तांई प्रधानमंत्री खुद नीं कहसी वे इस्तीफौ नीं देसी। छेहली कोशिश में 82 विधायकां रै दस्तखत सागै अेक ज्ञापन ई दिल्ली दरबार कनै पुगायौ गयौ, जिण में नेतृत्व परिवर्तन नीं करणै रौ अर जोशीजी नै कायम राखण री बात लिखी ही, पण सै हाथ पग मारणा बेकार रैया।

इण राजनैतिक उठा पटक रै लारै जकौ घटना चक्र रैयौ, उण रौ लेखौ-जोखौ करां तो ठा पड़सी कै राजस्थान में 1985 में आम चुणाव पछै जिण भांत विपक्ष मजबूत स्थिति में सामी आयौ, हरिदेव जोशी रै अलावा उण परिस्थिति में आलाकमान रै सामी दूजौ कोई नेता नीं हो, जकौ राजस्थान में सत्तारूढ दळ रौ नेतृत्व संभाळ सकतौ। पण जोशीजी सत्ता रौ विकेन्द्रीकरण नीं कर सकिया। संगठन रै अलावा केन्द्र में बैठा वां सगळा मंत्रियां नै ई राजी नीं राख सकिया, जका राजस्थान सूं चुणीजियोड़ा हा, दूजी कीं गलतियां अर विफळतावां रै कारण वांनै सेवट आलाकमान री नाराजगी पाण इस्तीफौ देंवणौ पड़ियौ।

दूजी कानी राजा मानसिंह हत्याकांड रै कारण शिवचरणजी माथुर नै परिस्थितिवश सत्ता सूं हटणौ पड़ियौ हौ, पण वे आपरौ धीजौ नीं छोड़ियौ। राजनैतिक सूझबूझ सूं अेककानी आलाकमान अर केन्द्र में बैठा मंत्रियां सूं वे बराबर जुड़ियोड़ा रैया तो संगठन रा नेतावां सूं ई तालमेल बिठाय’र असंतुष्टां री गतिविधियां नै चरम सीमा माथै पुगावण री कोशिश करी। इण भांत आपरी मजबूत लॉबी सूं सेवट मुख्यमंत्री री गादी पाछी लेवण में माथुर सा’ब कामयाब रैया।

प्रधानमंत्री राजीव गांधी हरिदेव जोशी सूं केई मामला में नाराज हा। वां री नाराजगी रै लारै कीं तो व्यक्तिगत कारण हा अर कीं प्रशासनिक, राजनैतिक। वीं बखत री परिस्थितियां रै कारण जोशी जी नै राजस्थान री बागडोर तो सूंपीजगी पण सरूपोत सूं ई आलाकमान रै मन में वां रै प्रति उत्तौ लगाव नीं हौ। जोशीजी आजादी री बखत रा जूना अर खरा तपियोड़ा व्यक्ति हुवण सूं जी हजूरी में नीं लागियोड़ा रैवता अरुण नेहरू सूं वां रौ घणौ दोस्तानौ हौ। राज्य में सत्तारूढ दळ, खासकर संगठन रा नेतावां सूं वां री बणी कोनीं। विरोधी दळ रा नेतावां री तिकड़ी सूं वां री खास घालमेल हुयां वां रा काम फट हुय जावता जदकै सत्तारूढ दळ रा विधायक फांका मारता रैवता।

सतीकांड नै लेय’र आलाकमान खुश नीं हौ। सोनिया अर प्रियंका रै नांव माथै भूंडी नारेबाजी करण वाळां रै खिलाफ कड़ी कार्रवाई नीं करणी, अर अकाळ राहत रा कामां में धांधली रै अलावा जोधपुर संभाग रै सागै भेदभाव रा प्रमाणिक आंकड़ा सूं आलाकमान रा कान पूरा भरीजग्या। सरिस्का में मंत्रिमंडल बैठक री वखत करीज्या तामझाम रै कारण तो राजीवजी सब रा सामी जोशीजी नै फटकार लगाय दी ही। गृहमंत्री बूटासिंहजी अर प्रदेश कांग्रेस (इं) अध्यक्ष अशोक गहलोत री खास नाराजगी रै कारण ई जोशीजी री आलाकमान रै सामी घणी हेठी होयी। केन्द्रीय मंत्रियां में नटवरसिंहजी रै अलावा वां रा कोई समर्थक नीं हा। आग में घी रौ काम ‘मारवाड़ अकाल सहायता समिति’ रौ दो करोड रुपियां रौ परिवहन अनुदान रोकण री घटना रौ रैयौ। प्रधानमंत्री खुद इण समिति कानी सूं पशुधन बचावण खातर करीजता कामां री तारीफ करी ही। अशोक गहलोत री प्रेरणा सूं बणी आ समिति आपरा चार सौ सूं बेसी चारा डिपो रै मारफत सस्ती दरां माथै चारौ अर पशु शिविरां रै मारफत 50 हजार सूं बेसी गायां रौ भरण पोषण कर रैयी ही।

दूजी कानी शिवचरणजी माथुर रौ दुबारा राजपाट संभाळण रै लारै जकौ सब्र रैयौ वो, आलाकमान नै घणौ रास आयौ। जन मोरचा रा नेता अर प्रणव मुखर्जी इत्याद वां नै आपरै सागै लेवण री बौत कोशिश करी पण वे कांग्रेस छोड’र नीं गया अर नी ई आलाकमान ई खिलाफ कदैई कोई बयान दियौ। उणां आपरी पूरी ताकत दिल्ली में मजबूत लॉबी त्यार करण में लगायी। बूटासिंहजी रौ वरद हस्त तो वां नै मिल्यौ ई पण प्रदेश कांग्रेस (इं) अध्यक्ष अशोक गहलोत रौ जबरौ समर्थन पावण में ई माथुर सा’ब कामयाब रैया। केन्द्र में बैठा दूजा राजनेतावां रौ ई वां नै समर्थन मिल्यौ जदकै सै सूं बेसी मदद जातिभाई (कायस्थ) अमिताभ बच्चन सूं मिळी। 14 जुलाई 81 सूं 23 फरवरी 25 तांई रौ माथुर शासन ई मानसिंह हत्याकांड रै अलावा कोई खास विवादास्पद नीं रैयौ। मजबूत विपक्ष सूं निपटण सारू अर प्रदेश में आगला चुणावां में कांग्रेस री स्थिति बेहतर बणावण सारू आलाकमान नै ओ विकल्प ठीक लागौ। दूजा दावेदार पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ पहाड़िया अर नरेन्द्रसिंह भाटी ई माथुर साब रौ समर्थन कियौ।

यूं माथुर, पहाड़िया, गहलोत अर बूटासिंह रा समर्थक कांग्रेस दळ रा विधायक चवड़ै धाड़ै जोशीजी री खिलाफत करण अर आलाकमान नै वांरै खिलाफ बार-बार ज्ञापन देवण में आगीवाण रैया। आं में हनुमान प्रभाकर, माधवसिंह दीवान, राजेन्द्र चौधरी, खेमराज कटारां, चन्द्रशेखर शर्मा, सी.पी. जोशी, दीनबंधु वर्मा, जयनारायण बैरवा, शिवराम शर्मा, मांगीलाल आर्य, सूरजपालसिंह, देवीलाल, लक्ष्मणसिंह, हरीराम चौधरी इत्याद खास हा (आं मांय सूं केई जणा अबै माथुर मंत्रिमंडल में सामळ है) सगळां री अेक ई शिकायत ही कै मुख्यमंत्री विरोधी दळ रा नेतावां री तुरत सुणवाई करै अर कांग्रेस सदस्यां री उपेक्षा करै।

जोशी सरकार भैरोसिंह शेखावत, नाथूराम मिरधा अर कल्याणसिंह कालवी रै हाथां रौ रमकड़ौ बणियोड़ी है।

गृहमंत्री बूटासिंह रै मारफत 15 जनवरी नै जद जोशीजी सूं इस्तीफौ मांगीज्यौ तो वे सफा नटग्या। आ खबर अखबारां में ई लीक हुयगी। जोशीजी इणरौ खंडन ई कर दियौ। 82 विधायकां रै हस्ताक्षर रौ अेक ज्ञापन उपमंत्री बीना काक रै सागै प्रधानमंत्री रा सहायक कनै पुगायौ, पण तीन दिन रा नाटकीय दौर पछै सेवट 17 जनवरी नै बांसवाड़ा में जोशीजी नै प्रधानमंत्री दफ्तर रौ हुकम मिल्यां वे दिल्ली बावड़िया। अैयरपोर्ट सूं सीधा इं.का. महासचिव मूपनार अर प्रधानमंत्री रा राजनैतिक सलाहकार माखनलाल फोतेदार सूं मिल्या, पण बात नीं बणी।

प्रधानमंत्री सूं मिलण री आप री जिद सूं मामलौ फेर तूल पकड़ियौ। प्रधानमंत्री 18 घंटां तांई वांनै मिलण खातर इंतजार करवायौ। सेवट सिंझ्यां रा च्यार बजियां 20 मिनट तांई प्रधानमंत्री सूं बात हुयां पछै मुख्यमंत्री जोशी दिल्ली मांय ई आपरै इस्तीफै री घोषणा कर दीनी। दिल्ली सूं जैपुर बावड़’र अेयरपोर्ट सूं सीधा राजभवन जाय’र राज्यपाळ नै आपरौ इस्तीफौ सूंप दिया। इस्तीफै में ‘व्यक्तिगत कारण’ रौ हवालौ दिरीज्यौ।

नुंवा मुख्यमंत्री रै चुणाव री बात सामी आयी तो जोशीजी फेरूं शक्ति परीक्षण माथै उतरग्या। आलाकमान री मंसा समझता थका ई उणां आपरा उत्तराधिकारी रै रूप में हीरालालजी देवपुरा रौ नाम पेश कर दीनौ। विधायक दळ री बैठक सूं पैली विधायकां री राय जाणण नै आया पर्यवेक्षक वी. शंकरानंद, आर. अेल. भाटिया, जी.के. मूपनार अर नरेशचंद्र चतुर्वेदी 101 विधायकां सूं पूछताछ कीनी। रात तीन बज्यां तांई हुयी इण जांच पड़ताल में 47 विधायक देवपुराजी अर सिरफ 35 माथुर सा’ब रौ पक्ष लीनौ तो पर्यवेक्षक असंमजस में पड़ग्या। 20 जनवरी री सुबै सात बज्यां राखीजी विधायक दळ री बैठक आलाकमान रा निर्देश री प्रतीक्षा में लम्बी खिंचीजती रैयी। अेक वळा तो जोशी समर्थक विधायक गुप्त मतदान री मांग माथै ई अड़ग्या। सेवट आलाकमान राजीवजी रौ निर्देश मिल्या जोशी, देवपुरा, पहाड़िया, माथुर, गहलोत पर्यवेक्षकां साथै गुप्त बैठक में शिवचरणजी माथुर रै नांव री मंजूरी रौ आलाकमान रौ फैसलौ सुणाईज्यौ। आ ई हिदायत दिरीजी क जे कोई चूं-चपड़ करैला तो उणरै खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करी जासी।

विधायक दळ री बैठक सुबै नौ बज्यां सरू होयी, जिण में बी. शंकरानंद पार्टी री अेकता माथै भाषण देवता थकां शिवचरण माथुर रै निर्विरोध चुणाव री घोषणा करी। माथुर सा’ब रै नांव रौ नेता पद सारू प्रस्ताव राखता जोशीजी री शब्दावळी कांग्रेस रै आंतरिक लोकतंत्र माथै जोरदार चोट ही। वां रा शब्द हा “आलाकमान रा आब्जरवर्स सूं म्हनै ठा पड़ी है कै पार्टी विधायकां रौ बहुमत शिवचरणजी माथुर रै पक्ष में रह्यौ है, इण वास्तै नेता पद सारू वांरै नांव रौ प्रस्तवा करूं।” हीरालालजी देवपुरा इणंरौ बुझियोड़ा मन सूं समर्थन करियौ। बीं. शंकरानंद रौ इशारौ पायां पहाड़ियाजी ई इणरौ समर्थन कियौ। इण भांत नेता पद रौ चुणाव पूरौ हुयां पछै इग्यारा बज्यां राजभवन में अेक साथै समारोह में माथुर सा’ब मुख्यमंत्री पद री शपथ लीवी।

20 जनवरी नै सरहदी गांधी पख्तून नेता खान अब्दुल गफ्फार खां रै निधन सूं प्रधानमंत्री रौ स्टाकहोम जावणौ थोड़ी देर सारू आगै खिसकायौ हौ। प्रधानमंत्री विशेष विमान सूं सरहदी गांधी नै श्रद्धांजळि अर्पित कारण सारू पेशावर जाय’र पाछा आयां पछै स्टाकहोम सारू जद व्हीर हुया तो शिवचरण जी माथुर ई हवाई अड्डैमाथै मौजूद हा। प्रधानमंत्री मुस्कुरा’र वां रौ अभिवादन स्वीकार कर्‌यौ।

मंत्रिमंडळ री पैली सूची मंजूर करावण सारू माथुर सा’ब 23 सूं 25 जनवरी तांई प्रधानमंत्री सूं मिलण री प्रतीक्षा में दिल्ली ठैरिया अर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति रै अलावा खास-खास दूजा केन्द्रीय मंत्रियां सूं ई शिष्टाचार भेंट करी।

माथुर सा’ब रै मुख्यमंत्री पद माथै चुणाव री वेळा सूं ई वां रौ समर्थन करणिया पूर्व मुख्यमंत्री पहाड़ियाजी रौ उपमुख्यमंत्री पद माथै अर नरेन्द्रसिंह भाटी रौ केबिनेट में सामळ हुवण री चरचा जोरां सूं ही। पण शिवचरणजी उपमुख्यमंत्री पद सिरजण रौ साफ ना पाड़ दियौ। आलाकमान ई वां री इण बात नै स्वीकार करली क जद दूजा किणी कांग्रेसी राज में उपमुख्यमंत्री पद नीं है तो राजस्थान माथै ओ भार क्यूं। पहाड़ियाजी रौ नाम केबिनेट मंत्री रै रूप में सामळ करीज्यौ पण वां स्वास्थ्य ठीक नीं होवण रौ बहानौ कर’र शपथ नीं लीवी। 26 जनवरी नै मंत्रिमंडळ शपथ री पैली खेप में सरबश्री हनुमान प्रसाद प्रभाकर, बी.डी. कल्ला, माधोसिंह दीवान, गोविंदसिंह गूर्जर केबिनेट मंत्री अर भैरूलाल भारद्वाज, कमला भील, अश्कअली टाक राज्यमंत्री रै रूप में शपथ लीवी। 27 जनवरी नै विभागां रौ वितरण करीज्यौ, पण मुख्यमंत्री बतायौ क फरवरी रा पैला हफ्ता मांय ई आलाकमान री मंजूरी मिल्यां मंत्रिमंडळ रौ विस्तार कर दियौ जासी। अे ओळियां प्रेस में जावती वेळा औ विस्तार ई करीजग्यौ अर 5 केबिनेट, 7 राज्य अर 2 उपमंत्री रै अलावा मुख्य सचेतक, उप मुख्य सचेतक अर तीन संसदीय सचिवां री नियुक्ति करीजगी।

केबिनेट मंत्रिया रै रूप में सरबश्री नरपतराम बरवड़, शीशराम ओळा, नारायण सिंह, रामकिशन वर्मा, रघुनाथ विश्नोई शपथ लीवी तो राज्यमंत्रियां में सरबश्री राजेन्द्र चौधरी, लक्ष्मणसिंह, चन्द्रशेखर शर्मा, सूरजपालसिंह, मांगीलाल आर्य, बीनाकाक, गिरिजा व्यास अर उपमंत्रियां में खेमराज कटारा भरतलाल मीणा शपथ लीवी। रघुनाथ परिहार मुख्यसचेतक अर दीपचन्द उपमुख्यसचेतक बणाईज्या। संसदीय सचिवां में सरबश्री जयनारायण बैरवा, लक्ष्मीनारायण भांबू, हमीदा बेगम नियुक्त करीज्या।

इण मंत्रिमंडळ विस्तार पछै राज्य मंत्रिमंडळ रौ जकौ स्वरूप सामी आयौ, उणसूं बेरौ पड़ै क प्रदेश कांग्रेस इ अध्यक्ष अशोकजी अर गृहमंत्री बूटासिंहजी नै राजी राखण सारू वांरा समर्थकां नै सै सूं बेसी ठौड़ दिरीजी है, जदकै जोशी समर्थकां नै—अठै तांई क जोशी मंत्रिमंडळ रा वरिष्ठ सदस्य— देवपुराजी अर कमलाजी तकात नै सामळ नीं कर’र आलाकमान री नाराजगी बताईजी है। मंत्रिमंडळ में नरेन्द्रसिंह भाटी ई सामळ नीं करीज्या। संभागां री दीठ सूं सै सूं वेसी प्रतिनिधित्व अबकाळै जोधपुर नै दिरीज्यौ है, अठै रा सात विधायक मंत्रिमंडळ में है। जदकै उदैपुर, जैपुर रा पांच-पांच, कोटा, बीकानेर रा अेक-अेक अर अजमेर संभाग रा दो विधायक (मुख्यमंत्री समेत) राज्य मंत्रिमंडळ में आप आपरै संभाग रौ प्रतिनिधित्व करै। जोशी मंत्रिमंडळ रा तीन सदस्य शीशराम ओळा, रामकिशन वर्मा अर बीनाकाक नुंवा मंत्रिमंडळ में सामळ है। रामकिशनजी तो जोशी मंत्रिमंडळ में होवता थकां ई अशोकजी रा आदमी मानीजता।

माथुर मंत्रिमंडळ री पूरी तस्वीर सामी आयां जोशी विरोधी खेमां में—खास कर’र संगठन रा लोगां में खुशी री ल्हैर है, पण लागै ओ ई है क सत्तारूढ दळ में आपसी मतभेद अर विवाद बेसी बधसी। जोशी समर्थक वरिष्ठ कांग्रेसियां रै अलावा पहाड़िया जी अर नरेन्द्रसिंह भाटी री मुख्यमंत्री सूं नाराजगी नुंवौ टकराव पैदा करसी। राज्य में कांग्रेस रौ राज सिरफ 15 विधायकां रै बहुमत माथै टिकियोड़ौ है, जे नाराज नेतागण बणावत माथै उतरग्या तो फेरूं की राजनैतिक उठापटक होवण री संभावना बण सकै है।

स्रोत
  • पोथी : माणक (पारिवारिक राजस्थानी मासिक) ,
  • सिरजक : दीपंकर ,
  • संपादक : पदम मेहता ,
  • प्रकाशक : माणक प्रकासण ,
  • संस्करण : फरवरी 1988
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