मुख-कमल अमल ससिहर-सरिच्छ।

निलवटि तिलय ताड़ीक मच्छ॥

कुंडळ कि कन्नि पायार मार।

कोसीस निकर परिगर अपार॥

स्रोत
  • पोथी : सदयवत्स वीर प्रबंध ,
  • सिरजक : भीम ,
  • संपादक : डॉ. मंजुलाल मजमुदार ,
  • प्रकाशक : सादूल राजस्थानी रिसर्च इंस्टीट्यूट, बीकानेर ,
  • संस्करण : प्रथम
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