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अंजस सोशल मीडिया
ग्रहै बरछी जब गोरल राय
जटमल नाहर
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ग्रहै
बरछी
जब
गोरल
राय,
सु
नागन
ज्यूं
नर
ऊड़त
खाय।
फोड़त
पाखर
साथ
पलांण,
सु
जातन
का
सिर
सुंदर
मांण॥
स्रोत
पोथी
: पद्मिनी चरित्र चौपाई
,
सिरजक
: जटमल नाहर
,
संपादक
: भंवरलाल नाहटा
,
प्रकाशक
: सार्दूल राजस्थानी रिसर्च इंस्टीट्यूट, बीकानेर (राज.)
,
संस्करण
: प्रथम
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