दळ वेळा पैला दळा, मोरचा मंडाणा।
बळा बळी बन्दूकची, बळ भरिया बाणा॥
गजनाळया पगति गिणै, निघसे नीसाणा।
गोळा मण नव नव भिळै, बड़ तोप बखाणा॥
निमधे यक यक नाळि नख, गोळा गजाणा।
सौ सौ भरिया सींधड़ा, दारू दरसाणा॥
सूत पलीता जामगी, अणपार स आणा।
मंडिये केइक मोरचै, बुरज्यौ बिचाणा॥
तरकस बध अपार तवि, कर झल्लि कमाणा।
केइक ऊभा असवार, होय चढिया केकाणां॥
केइक बगत्तर पहरिया, सिर टोप सुभाणा।
केइक चिलकत पहरिया, मेखे सहनाणा॥
केइक समाहा पहरिया, जिरहा जूसाणा।
केइक रीछड़ पख, मूचली टोप सुभाणा॥
मंडिया सूरां मोरचा, आये अप्रमाणा॥