थाकोड़ी निजरां सूं देखै

बीस सैकड़ी ताकै

टाबर रै गुण माथै रीझै

गैलकी बणी हरखै।

स्रोत
  • पोथी : रसूल अमजातोव अर विदेसी कवितावां ,
  • सिरजक : रसूल हमजातोव ,
  • प्रकाशक : रॉयल पब्लिकेशन, जोधपुर ,
  • संस्करण : प्रथम संस्करण
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