उणरै तळ भंवराँ रै मांय

टाबर-टूबर री भरमार

कोई जण तौ उणनै भाया

जाय तिरिया पूग्या उण पार!

स्रोत
  • पोथी : रसूल अमजातोव अर विदेसी कवितावां ,
  • सिरजक : रसूल हमजातोव ,
  • प्रकाशक : रॉयल पब्लिकेशन, जोधपुर ,
  • संस्करण : प्रथम संस्करण
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