कुण भूल पावै प्रेम री पोथी पढ्योड़ी
मन मोवणी सूरत निजरां चढ़्योड़ी
काच रै प्यालै पियोड़ी तो उतर-ज्यावै
पण कदै नीं उतरै नेण रै प्यालै पियोड़ी।