कह रांणी पदमावती, रतनसेन राजांन,
नारि न दीजै आपणी, तजियै, पीव, पिरांन।
तजियै, पीव, पिरांन, और कू नारि न दीजै,
काल न छूटै कोय, सीस दै जग जस लीजै।
कलंक लगावै आपकों, मो सत खोवै जांन,
कह रानी पदमावती, रतनसेन राजांन॥