पगां ऊभाणा घूमता, नेता खस्ता हाल।

प्रजातंत्र रै मंत्र सूं, हुयग्या मालो-माल।

हुयग्या मालो-माल, हड़पिया रासन डीपो।

टेन्डर ठेका सड़क, ब्लेकिया सूं राजीपो।

कह निधड़क कविराय सांच नै कठै जगां है।

धरती माथै लूंट-ठगाई पगां-पगां है।

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : शिवराज छंगाणी ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राज.) ,
  • संस्करण : 13
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