गरम जलेबी केसरियां आंटा बेळीदार।
मैदा की नळकी बणा घालै रस की धार॥
घालै रस की धार, कंदोई करै सतूनो।
धरै जलेबी च्यार, भरै छैरस सूं दूनो॥
नर, किन्नर, बेताल, देवता, दानव देबी।
खूब चाव सूं खाय आं’री जलेबी॥