पड़े वाज गजराज राव रावत्त नरेसुर।

पड़े खान उमराव मुगल भूरा मीरम्बर॥

पड़े सज्झ धड़ गजां इसा दीसै उणिहारै।

उत्तारी रिणि आणि जाणि बाळद विणिजारै॥

गढपति पड़े छत्रपति गरा चंद जस्स नामौ चड़े।

लाज रो कोट उज्जेणि लड़ि पड़ि रतंन राजा पड़े॥

स्रोत
  • पोथी : वचनिका राठौड़ रतनसिंघजी महेशदासौत री ,
  • सिरजक : खिड़िया जग्गा ,
  • संपादक : काशीराम शर्मा, रघुवीरसिंह ,
  • प्रकाशक : राजकमल प्रकाशन, दिल्ली ,
  • संस्करण : प्रथम
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