कलंकी इतिहास रा म्हा मानखो।

इतिहास लिखणियां नं मत ढूंढो,

वा खुद लिखरी है—

जमा खोरी, काला बाजारी,

रिस्वत अर असमानता रो इतिहास।

अै खुलिज्योड़ा खाता

वीं रा बिदरोह री पैली सीढ़ी है।

नीं बख्सली थां नं

वा आण वाला कालै री नुवीं पीढ़ी है।

स्रोत
  • पोथी : मोती-मणिया ,
  • सिरजक : प्रेम शेखावत पंछी ,
  • संपादक : कृष्ण बिहारी सहल ,
  • प्रकाशक : चिन्मय प्रकाशन