हैर जोवै मारगड़ौ,
नैणां सूं लाचार भायो जोवै मारगड़ो॥
भाया थारै भाई गनायत सगां रो कांई टोटो है,
गेडी बायरै आंधै नै तो आंख्यां रो ही घाटो है।
घाटै री उमरड़ी में लाद्यो मारगड़ो॥
हैर जोवै मारगड़ो॥
आंख्यां रै भरोसै भाया बैठो मत्ती रीजे रे,
उमरड़ी अनमोल रो तू मोल मत्ती कीजे रे।
कटळीज्योड़ै लोहे नै मिलग्यो है पारसड़ो॥
हैर जोवै मारगड़ो॥
मारग मिळतां आंधै नै आंख्यां री जोत मिळगी है,
सूझतो जे बैठो रैवै अक्कल उण री ढळगी है।
सूतां सूं नीं पार जावै अबखो थारो कारजड़ो॥
हैर जोवै मारगड़ो॥