धणी,
लुगाई नै यूं बोल्यो–
पीहर सूं आई जद
डील पर थारै
चींथरो ई कोनी हो!
फूली-फूली क्यूं भटकै!
लुगावड़ी बोली,
हां सा!
अब तो डील पर म्हारै
चींथड़ा ई चींथड़ा लटकै।