पत अपणी अपणी राखो जी,राखो जी अपणो मान।

कीमत नै कम मत आंको जी, छोटो आपण नै मान॥

फटा चिथड़ा सुई सीवे, सी न्ह सके तलवार।

कपड़ा तो कतरे कतरनी,काईं करे हथियार॥

अटक्या ही काम रह जावै,जद छोटां के आज्या तान।

कीमत ......

खेत खल्याण मं अन्न उपजावो,कर्‌सया के छै नाम।

भला डाकटर,भला कलक्टर,कर न्ह सके यो काम॥

अजी भांत-भांत का मन्ख्यां की या माटी छै खान।

क़ीमत.......

थांका म्हांका बोटां सूं,नेता जी बण जाव्है।

आपां खावां ठोंकरां,व्हे पाछा मुड़ न्ह आव्है॥

खोटा-चोखा की जांच कर,

चुणज्यौ जी थें निशान।

क़ीमत.....

स्रोत
  • सिरजक : प्रीतिमा ‘पुलक’ ,
  • प्रकाशक : कवि रै हाथां चुणियोड़ी
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