सुण पेपला!

मानव सभ्यता री

हड़प्पा बगत रै बसाव री

खुदाई मांय ई

नगर रा दोय भाग लाध्या है,

सरतरियां री आथूणी थेड़

अर कमतरियां री अगूणी थेड़,

सत्ता माथै लाधी उणीज

पुरोहित तबकै री चौधर।

सईका टिपग्या

सभ्यतावां ई खपगी,

प्हाड़ बदळग्या

नदी बदळगी

धरती ई बदळगी

कित्ता ई ताज बदळग्या।

नीं आथूणी थेड़ बदळी, नीं अगूणी,

नीं थूं बदळ्यौ

नीं थितियां बदळी।

सुण पेपला।

कित्ता सईका और चाहीजै

पावंडौ- अेक आंतरौ

मेटण सारू।

स्रोत
  • पोथी : पेपलो चमार ,
  • सिरजक : उम्मेद गोठवाल ,
  • प्रकाशक : एकता प्रकाशन