अंतरदेसी कागद माथै-

'इणमें कीं मत राखजौ’

घणौ सारथक वाक्य है!

मतलब

टाइम-बम जैड़ी कोई चीज मत राखजौ

पण

वांनै कीकर समझावां

के सही जगै माथै

सही ढंग सूं

भरपूर सावचेती साथै

काम में लियड़ौ सबद इज

टाइम-बम सूं वत्तौ खतरनाक व्है

सरत है के कागद लिखणियौ

इण बात नै समझतौ व्है, जाणतौ व्है

सही ठौड़ सही सबद रौ

मैतव पिछाणतौ व्है

दुखड़ौ

साथी म्हारा

दुखड़ौ कदैई नपस्या नीं व्है

व्है सकै नीं-

चावै तौ उणसूं पूछलै

दुखड़ा जिकां नै मांजै नीं

घिस देवै!

असल में

मुझधार रा गीत

किनारै वाळा इज गाया कर

वै, जिका मझधार सूं

घणा आघा रैय जाया करै

स्रोत
  • पोथी : सावचेत रैणौ है ,
  • सिरजक : मदन डागा ,
  • प्रकाशक : साहित्यागार जयपुर