1.
हूं झेलूं पीड़
जळमै कवितावां
हरखै लोग।
2.
सांस भटकी
सुख सोध्यो,नीं लाध्यो
सांस कटगी।
3.
बिछा जजमां
पूंछ हिला, मुळक–
हुकम हाकमां!
4.
सुख धागै सूं
फाट्या गाभा सींवैला
सांसां रा साथी।
5.
थे बांचो पोथा
म्हारै नांव कर दो
ढाई आखर।
6.
जियां राखसी
बियां ई रैसूं राम
दोरो कै सोरो।
7.
सामै सै साचा
कदैई ओलै-छानै
परखो म्हानै!