बात सूं आगै बणै सै बात ई

चानणो करदै मुळक अधरात ई

हेत सागै हेरतो मन जोत नै

सांचली दातार व्है परभात ई

पीर नाचै पीर मांई पीर सी

पी बिना ढोवां कियां जजबात ई

दो घड़ी बातां करी जद भाव सूं

खूटगी कोझी मनां बदजात ई

कांपतो हिवड़ो लजै रामा धणी

डाळ छौडै रूंख सूं जद पात ई

भींत पूछै घर बणै कद ओपता

हाथ सांधां हाथ तूटै हाथ ई

काग बोलै देख 'मोहन' डागळै

कर सवायो आज घर में भात ई

स्रोत
  • पोथी : अचपळी बातां ,
  • सिरजक : मोहन पुरी ,
  • प्रकाशक : बोधि प्रकाशन ,
  • संस्करण : प्रथम संस्करण