भजन किया दुख भाजसी जी, ऐतो सिंवर्या राम निवाजसी जी।
रसना में रस आविया जी, मिसरी सा स्वाद लखाविया जी।
गले गदगदा दूजा सुख हिरदा, हिरदा में राम पधारिया जी।
हिरदा हलै फुरकाह चलै, मुरली की टेर सुनाविया जी॥