वर-मंडपि मंडीय गजर, वज्जइ मधुर मृदंग।

रागरंग गायण गमक, नच्चइ नाचिणि चंग॥

स्रोत
  • पोथी : सदयवत्स वीर प्रबंध ,
  • सिरजक : भीम ,
  • संपादक : डॉ. मंजुलाल मजमुदार ,
  • प्रकाशक : सादूल राजस्थानी रिसर्च इंस्टीट्यूट, बीकानेर ,
  • संस्करण : प्रथम
जुड़्योड़ा विसै