साधारण सी हो गई, वचन भंग री बात।

पीसां रै बळ चाल री, छोरां री बारात॥

स्रोत
  • पोथी : बिणजारो ,
  • सिरजक : मधुकर गौड ,
  • संपादक : नागराज शर्मा ,
  • प्रकाशक : बिणजारो प्रकाशन पिलानी (राजस्थान) ,
  • संस्करण : अंक-34
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